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शनिवार, 19 सितंबर 2020

Ranvijay Singh MLA Bakhtiyarpur ने रचा इतिहास इस मामले में बने पहले विधायक

 बख्तियारपुर विधायक रणविजय सिंह ने अपने विधानसभा में एक इतिहास रच दिया है। बख्तियारपुर प्रखंड के घोसवरी पंचायत के टेकबीघा गाँव के एक किसान परिवार में जन्म लिए विधायक रणविजय सिंह किसानों की समस्या को बहुत अच्छी तरह से समझते हैं। तभी तो वे अपने जनता के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े नजर आते है। और जो बनता है छोटी बड़ी मदद तुरंत करते है। चाहे जन्मदिन हो या किसी और तरह के कार्यक्रम जनता के एक फोन कॉल पर वे अपने जनता के यहाँ पहुँच जाते है। 

Ranvijay Singh MLA Bakhtiyarpur
Ranvijay Singh MLA Bakhtiyarpur

बख्तियारपुर विधानसभा को पहली बार एक ऐसा विधायक मिला है जो सत्ता का सुख छोड़ अपने जनता की सेवा में लगा रहता हो। एक रिपोर्ट के मुताबिक विधायक को हर साल घूमने के लिए दिया जाने बाला 3 लाख का कूपन विधायक रणविजय सिंह ने अपने 5 साल के कार्यकाल में कभी इस्तेमाल नही किया। यानी जनता के लिए उन्होंने 5 साल में 15 लाख का कूपन कभी इस्तेमाल नही किया। इसके साथ ही Ranvijay Singh MLA Bakhtiyarpur अपने विधानसभा में जनता के बीच मौजूद रहने बाले पहले विधायक बन गए है और इतिहास रच दिया है।


यदि हम बख्तियारपुर विधानसभा के पूर्वविधायक की बात करें तो बख्तियारपुर की जनता ने उन्हें (फरवरी 2005 और 2010) में 2 बार विधायक बनाया लेकिन इन दिनों में बख्तियारपुर की जनता उन्हें पहचान भी नहीं पाया। क्योंकि वोट मिलने के बाद वे अपनी सत्ता सुख का आनंद ले रहे थे। बख्तियारपुर की जनता को शायद लगता था कि विधायक का मतलब ही यही होता है। क्योंकि इससे पहले बख्तियारपुर विधानसभा में जितने भी विधायक बने सभी का वही हाल था। अपना काम बनता ××××× में जाये जनता। लेकिन 2015 में जब पहली बार रणविजय सिंह विधायक बने तब उन्होंने विधायक का मतलब ही बदल दिया और जनता के बीच एक मुखिया की तरह रहते है। अब विधायक रणविजय सिंह के नक्से कदम पर पूर्व विधायक भी चलने लगे है। लेकिन बरसाती मेंढक की पहचान तुरन्त हो जाता है। अब देखना यह है कि आने बाला विधानसभा चुनाव में बख्तियारपुर की जनता बरसाती मेंढक को पहचान पाती है या नही।

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