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रविवार, 15 मार्च 2020

आपने तो तीन दिन सिर्फ रिमझिम बारिश देखा है साहब! मेरा तो सबकुछ बर्बाद हो गया

बुजुर्ग किसान
आपने तो तीन दिन सिर्फ रिमझिम बारिश देखा है साहब! मेरा तो सबकुछ बर्बाद हो गया। यह कहते हुए उस बुजुर्ग किसान के आंखों में आँसू डबडबाने लगा।उम्मीद भरी नजरों से वह बड़े साहब को तीन दिनों तक हुई बारिश में नुकसान को गिना रहा था। महाजन से कर्जा लेकर हमने इस बार तेलहन की खेती किया था। सोचा था कि फसल कटते ही अनाज बेचकर महाजन को कर्ज का पैसा वापस लौटा दूँगा। इस बार फसल भी अच्छी हुई थी लेकिन भगवान को शायद हमसे दुश्मनी है। बिन मौसम बरसात से मेरा तीन महीने के मेहनत पर पानी फेर दिया। सामने खड़े बड़े साहब ध्यान से उस बुजुर्ग किसान की बातों को सुन रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे जल्द ही उसकी कुछ मदद करेंगे लेकिन ऐसा कुछ हुआ नही। पत्रकारों द्वारा कुछ विडियो और फोटो क्लिक करवाने के बाद उन्होंने किसान को आश्वासन दिया और बड़ी सी गाड़ी में बैठकर बड़े साहब चले गए। 

पत्रकारों और मिडिया द्वारा जनता के बीच जो परोसा जाता है जनता उसे ही सच मानती है, लेकिन हकीकत कुछ और रहता है जिसे मिडिया नही दिखाती है। और जनता को भी उसमें दिलचस्पी नही रहता है। थोड़ी ही देर में वहाँ सबकुछ पहले जैसा हो गया। बुजुर्ग किसान अपनी खेत में जाकर कटे हुए फसल को उलट पुलट करने लगा जो बारिश में भींग गया था। पहले से खेत में काम कर रही उसकी पत्नी उस बुजुर्ग किसान को डाँटते हुए बोली "कि मिललो वहाँ जाय से एतना देर में केतना बोझा उलट देता होत" दरसल वह बुजुर्ग किसान अपनी पत्नी के साथ खेत में काम कर रहा था। उसके खेत में फसल तैयार हो चुका था। जिसे उसने काटकर खेत में ही रखा हुआ था बस उससे सिर्फ अनाज निकालना बाकी था, लेकिन उससे पहले ही बारिश ने उसके फसल को बर्बाद कर दिया। तीन दिन बाद धूप निकला तो अपनी फसल को उलट पुलट कर सुखाने में लगा हुआ था। तभी बड़े साहब की गाड़ी आई और साहब आधा घंटा बर्बाद कर के चले गए।
बर्बाद हुआ फसल

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