Breaking

सोमवार, 23 मार्च 2020

कोरोना वायरस की पहचान करने बाले डॉ ली वेनलियांग पर स्थानीय प्रसासन ने लगाया था अफवाह फैलाने का आरोप

चीन के डॉ ली वेनलियांग
चीन के डॉ ली वेनलियांग
चीन के  वुहान शहर के सेंट्रल अस्पताल में आँखों के डॉ के तौर काम करने बाले डॉ ली वेनलियांग को जब 30 दिसम्बर को पहली बार सार्क कोरोना वायरस के लक्षण कुछ मरीजो में देखा, तो इसकी जानकारी उन्होंने अपने डॉ साथियों के व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किया, तो यह जानकारी वायरल होने लगा। सुरक्षा की दृष्टि से देखते हुए सार्क कोरोना की जानकारी वायरल होते देख वहाँ के स्थानीय प्रसासन ने डॉ ली वेनलियांग को अफवाह न फैलाने और चुप रहने का नसीहत दिया। और आगे से ऐसा नही करने के लिए एक कागज पर साइन भी करवाया।

उस वक्त वहाँ के स्थानीय प्रसासन को यह अंदाजा भी नही हुआ होगा कि आगे चल कर यह सार्क कोरोना वायरस इतना भयानक रूप ले लेगा। 34 वर्षिय डॉ ली वेनलियांग ने कुछ हप्ते बाद जनवरी में जब सार्क कोरोना वायरस के लक्षण ज्यादातर मरीजों में देखा तो उनसे बर्दास्त नही हुआ। तो उन्होंने अस्पताल से ही विडियो पोस्ट के जरिये इस सार्क कोरोना वायरस के बारे में लोगों को बताया और इस जानकारी को स्थानीय प्रसासन पर छुपाने का आरोप लगाते हुए अपनी पूरी कहानी पोस्ट कर दी।

इधर चीन के कई शहरों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज मिलने लगे और डॉ ली वेनलियांग का विडियो पोस्ट वायरल होने लगा। चीन की जनता के नजरों में डॉ ली वेनलियांग मसीहा हो गए। मरीजों का इलाज करते हुए डॉ ली वेनलियांग खुद कोरोना वायरस की चपेट में आ गए और पिछले महीने उनकी मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु के बाद चीन सरकार ने डॉ ली वेनलियांग के परिवार बालों से माफी मांगी और स्थानीय प्रशासन पर करवाई करने का निर्देश दिया।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

thanks for visit