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शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020

बिहार की होली में अब वो बात नही रही Happy Holi 2020 बुरा न मानो होली है

कुछ वर्ष पहले होली का फोटो व्हाट्सएप पर शेयर करते हुए नन्हकू दा ने लिखा Happy Holi 2020 फोटो देखकर पुरानी यादें ताजा हो गई। जिसे बताने से पहले मैं आपको यह बताता चलूँ की 2020 में होली कब है? 2020 में होली 10 मार्च को है। जिसका इंतजार खास कर नये युवाओं को बेसब्री से रहता है। क्योंकि होली हुड़दंग का त्योहार है, रंग अबीर का त्योहार है, धूल कीचड़ का त्योहार है। और बिहार की तो बात ही मत पूछिये रंग और कीचड़ से बदन ऐसे ढक जाता है कि पहचान में ही नही आता है कि बंठा के मेहरारू कौन है, और कारा के मेहरारू कौन है। पिछले साल होली में तो ऐसा बबाल हुआ था कि मंटू दा पड़ोसी के मेहरारू जिसका पूरा बदन कीचड़ से ढका हुआ था, उसे अपना मेहरारू समझकर हाथ पकड़ के घर ले जा रहे थे। उ तो बंगला बाली भौजी दरवाजे पर ही दिख गई जिन्हें देखकर वो समझ गए कि ऊ तो दोसर के मेहरारू के हाथ पकड़ले आ रहे है। उसके बाद दोनों औरतें मिलकर मंटू दा को ऐसा कुटाई किये, ऐसा कुटाई किये की उसके बाद वो होली में भांग खाना भूल गए।
अब बात कर लेते हैं हमारे पड़ोसी नन्हकू दा ने व्हाट्सएप पर जो फोटो शेयर किया था उसके बारे में। बीते कुछ वर्ष होली से ठीक पहले इंटरमीडिएट का एग्जाम खत्म हुआ था। नन्हकू दा भी अपना एग्जाम देकर पटना से लौटे थे। घरबालों ने उन्हें खर्चा पानी के लिए जो पैसे दिए थे उसमे से होली खर्चा के लिए उन्होंने पैसे बचा लिए थे। इसी बीच खबर आई कि लंगटु के नानाजी गुजर गए। आनन फानन में घर के सभी सदस्य मुझे अकेला छोड़कर नानाजी के क्रियाकर्म में चले गए। कल होली था और आज यह सब हो गया। होली की सारी तैयारियां हो चुकी थी। बाजार से होली का सामान आ चुका था। जो यू ही आँगन में पड़ा हुआ था। गाय का दूध निकलना, उसे खाना देना, उसके लिए चारा लाना सब जिमेदारी मेरे ऊपर ही था। चारा काटने के खातिर चाराकल में घानी लगाने के लिए मैंने नन्हकू दा को बुलाया और कहा कि घर मे कोई नहीं है चारा काटने के लिए घानी लगा दीजिये। उन्होंने दोहराते हुए पूछा घर में कोई नही है तब तो इस बार होली तुम्हारे यहाँ ही मनायेंगे।



घरबालों से फोन पर मैंने बात किया तो पता चला कि वो दो दिन बाद आयेंगे। कल रात का भोजन पड़ोसी के यहाँ हो गया था। आज तो होली है यही सोचकर मैं गाय के लिए चारा लाने खेत चला गया। जब लौट के आया तो देखा टेबल पर एक प्लेट में फलों का सलाद रखा हुआ था। गोल गोल कटा हुआ सेव, टमाटर, गाजर और अंगूर के कुछ दाने। तभी नन्हकू दा चादर में कुछ छुपाये उधर से आये और चुपके से बोले सलाद अंदर ले चलो। मैं भी आज्ञाकारी बालक की तरह सलाद लेकर कमरे के अंदर चला गया। रूम के अंदर मैं, नन्हकू दा, सलाद और शराब की तीन बोतल। दरअसल जिसे मैं शराब समझ रहा था वह शराब नही वियर था। और यह बात पहली बार मुझे उसी दिन पता चला कि शराब और वियर दोनों अलग अलग होता है। लेकिन अब तो बिहार में न वियर मिलता है न शराब। यह सोचते हुए मैं मोबाइल के व्हाट्सएप में फोटो देख ही रहा था कि तभी नन्हकू दा शराब के नशे में टल्ली होकर सामने से गुजरे। मैंने उन्हें जोर से कहा नन्हकू दा Happy Holi 2020
यह सुनते ही वो झूमते हुए मेरे पास आये और बोले। दारू बिहार में नय बन्द हुआ है न होगा। नीतीशवा कतनो जोर लगा रे हम पिवे करेंगें। आव बिहार में दारू बिकवे करेगा। 800 रू में खुलेआम मिल रहा है थाना प्रसासन सब मिलके दारू बनबाता है और बेच बाता है। सब का मंथली कमिसन बंधा हुआ है। इस पर मैंने कहा सरकार तो तोहर फायदे लगी दारू बन्द कैलको ह, अब नय मानबहु त नीतीश कुमार की करतो। घर घर जाके थोड़े ही रोक लगइतो। अब तो नन्हकू दा गर्म हो गए और बोले उ वैदवा के बेटा तो अपने गांजा पी के भूतियाल रहता है। दूसरा के की शिक्षा देगा। हो हल्ला सुनकर बरौनी बाली भौजी आई और नन्हकू दा को खिंचते हुए घर ले गई। 



बिहार में शराब बन्द है लेकिन फिर भी लोग चोरी छिपे शराब बना, बेच, और पी रहे है। बिहार में चोरी छिपे मिलने बाली ज्यादातर शराब जहरीली है। जो दियारा क्षेत्र में ही बनाकर पैक किया जाता है। और वह आसानी से 600 से 800 रू में उपलब्ध हो जाता है। इस तरह के शराब का सेवन न करें। होली खुशियों का त्योहार है इसलिए अपना और अपनों के सेहत का ख्याल रखें। आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं Happy Holi 2020

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