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गुरुवार, 28 नवंबर 2019

सफेद कौआ को देख हैरान हुए लोग, प्रचलित हुई पुरानी कथायें, लेकिन डॉक्टर बता रहे हैं कुछ और...

 white Crow
सफेद कौआ
कौआ की विशेषतायें
हमारे आस पास पाये जाने बाले कौए का रंग काला होता है। लेकिन सफेद रंग के कौआ को देख लोगों में कौतूहल का विषय बना हुआ है। इलाके में हर तरफ सफेद रंग के कौआ का ही चर्चा हो रहा है। और उसको लेकर पौराणिक कथाओं का वर्णन भी किया जा रहा है। कौआ को लेकर पुराने जमाने में एक कहानी मशहूर थी, की जब भी कौआ आँगन में या छत के मुंडेर पर बैठकर काऊ काऊ करता था तो घर के लोग यह अंदाजा लगा लेते थे कि आज कोई रिश्तेदार घर में आने बाला है। उस समय चिठ्ठी को पहुँचने में महीना बीत जाता था। तो लोग कौआ के काऊ काऊ से ही अंदाजा लगाते थे कि आज कोई रिश्तेदार आने बाला है। कौआ को दूर दूर तक भर्मण करने बाला पक्षी माना जाता है। जो एक रिश्तेदार के घर से दूसरे रिश्तेदार के घर तक रिश्तेदार के पहुँचने से पहले काऊ काऊ करके संदेश पहुँचा देता है। और कभी कभी यह सच भी साबित हो जाता था। लेकिन अब जमाना मोबाइल और इंटरनेट का हो गया है इसलिए यह कहानी बिलुप्त होती चली जा रही है।


कौआ काला क्यों होता है?
पौराणिक कथाओं में सफेद कौआ को लेकर ऐसी मान्यता है कि कौआ काला होने से पहले सफेद हुआ करता था। जो मनुष्य के आसपास रहने बाला और मनुष्य पर नजर रखने बाला, दूर दूर तक भर्मण करने बाला एक मात्र पक्षी है। ऋषि मुनियों के जमाने में कौआ गुप्तचर का काम करता था। और दुश्मनों पर नजर रखकर उसके आने का संदेस पहले ही पहुँचा देता था। एक दिन एक ऋषि ने अमृत की विशेषता के बारे में कौआ को बताया और उसका पता लगाने के लिए कौआ को कहा। बहुत परिश्रम के बाद कौआ ने अमृत का पता लगा लिया, लेकिन अमृत को देखकर उसके मन में अमृत को चखने की इच्छा हुई और उसके जीभ से लाड़ टपककर अमृत में गिर गया। कौआ के इस हरकत से वाकिफ उसके पीछे आ रहे ऋषि मुनि ने यह सब देख लिया और उसे काला होने का श्राप दे दिया। तभी से सभी कौआ काला होने लगा।


कुछ कौआ सफेद क्यों होता है?
मध्यप्रदेश के दतवाड़ा में सफेद कौआ को देखा गया है जो चर्चा का विषय बना हुआ है। यह सफेद कौआ पिछले चार पाँच दिनों से एक किसान के छत पर दाना चुगने के लिए काले कौए के झुंड के साथ आता है, लेकिन सफेद कौआ झुंड से अलग रहता है। और दाना चुगने के बाद चला जाता है। किसान ने इस बारे में मिडिया को बताया कि वह हर रोज छत पर अनाज सुखाने के लिए जाता है, और नियमित समय पर कौए के झुंड के साथ सफेद कौआ आता है और दाना चुग कर चला जाता है। वही कौआ को सफेद होने का कारण डॉक्टर बताते है कि अनुवांशिक रोग ल्युसिज्म की वजह से लाख में से किसी एक कौआ का रंग सफेद हो जाता है। वही वैज्ञानिकों के अनुसार एल्विनिज्म प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से कौआ काला न होकर सफेद रंग का हो जाता है। कारण चाहे जो भी हो लेकिन सफेद कौआ को देखकर लोगों में पुरानी कथायें जीवंत हो गई है और चर्चा का विषय बना हुआ है।
सफेद कौआ
सफेद कौआ

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