The w3-animate-fading class animates an element in and out (takes about 5 seconds).

Breaking

रविवार, 6 अक्तूबर 2019

दुर्गा पूजा पंडाल में नव युवक संघ ने लालू , राबड़ी की प्रतिमा बनाकर दर्शाया राजमाता और...

राँची नामकुम रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा पंडाल
दुर्गा पूजा पंडाल में लालू राबड़ी प्रतिमा
गरीबों के मसीहा और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव अपने अंदाज में हास्य व्यंग्य करके लोगों की भीड़ को इकट्ठा करने में माहिर थे। उनके इस अंदाज को लोगों ने खूब मिमिक्री किया। एक जमाने में उनका कार्टून अखबारों की सुर्खियां हुआ करता था। कार्टून बनाने बाले लोगों ने उनकी छवि को कभी खराब तो कभी बढ़िया भी दर्शाया था। लेकिन लालू प्रसाद यादव ने कभी इसे सीरियस नही लिया। और वो उसी अंदाज को बढ़ावा देते हुए जनता के बीच जाते रहे। लालू जी का बोलने का अंदाज उनके समर्थकों को खूब पसन्द आता था। सायद इसीलिए उनके समर्थक आज भी उन्हें उतना ही चाहता है। तभी तो उनका चेहरा नव युवक संघ के दुर्गा पूजा पंडाल में देखा गया।

फिलहाल लालू प्रसाद यादव कई मामलों में सजा काट रहे हैं और वे राँची में है। ऐसे में राँची की जनता भी उनके इस अंदाज से बच नही पाई। और राँची के नव युवक संघ ने दुर्गा पूजा पंडाल में लालू एवं राबड़ी  की प्रतिमा बनाकर लालू को गरीबो के मसीहा और राबड़ी देवी को राजमाता दर्शाया है। राँची के नामकुम थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन पर नव युवक संघ ने भव्य पंडाल बनाया है। जिसमे दुर्गा माता, सरस्वती माता, लक्ष्मी माता, गणेश जी और कार्तिक भगवान की मूर्ति स्थापित की गई है। साथ ही लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की भी प्रतिमा लगाई गई है। पंडाल के अन्दर पूजा स्थल बाले भाग को लालटेन से सजाया गया है। जो लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। 

जब इस बात का पता भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव को चला तो उन्होंने इसका विरोध करते हुए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। और कहा कि जहाँ भगवान की प्रतिमा लगा हो वहाँ किसी इंसान की प्रतिमा लगाकर राजनीतिक का रंग देना बेहद ही शर्मनाक है। लोग अपने फायदे के लिए भगवान को भी नही वकस्ते है। और आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। वही दूसरी तरफ नव युवक संघ दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष विनोद सिंह ने इसे लालू प्रसाद यादव के प्रति अपनी आस्था बताया है। और खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव गरीबों के मसीहा है। इसलिए हम लोगों ने उनकी प्रतिमा बनाकर भगवान के समक्ष रखा है। और दशमी के दिन उनकी रिहाई के लिए छोटा सा यज्ञ भी करने बाले है।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

thanks for visit