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गुरुवार, 15 अगस्त 2019

इस खण्डहरनुमा भवन के सामने झंडातोलन क्यों किया जाता है अंधविश्वास है या कुछ और जानकर हैरान हो जाएंगे आप...

इस खण्डहरनुमा भवन के सामने झंडातोलन क्यों किया जाता है अंधविश्वास है या कुछ और जानकर हैरान हो जाएंगे आप...

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस खंडहरनुमा भवन के सामने हर साल झंडा तोलन किया जाता है। इसलिए आज 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर इस खंडहरनुमा भवन के सामने झंडातोलन किया गया। जैसा कि हम सब जानते है कि 15 अगस्त के दिन हमारा देश भारत आजाद हुआ था। और इस आजादी को हासिल करने के लिए हमारे देश के कितने वीरों ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। तब जाकर हमारा देश भारत आजाद हुआ।

आज के दिन हम उन सहीद बीरों को नम आंखों से याद करते है। लेकिन क्या हकीकत में ऐसा होता है नही होता है। क्योंकि अब 15 अगस्त महज एक छुट्टी का दिन बनकर रह गया है। सरकारी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी जब झंडा फहराने जाते है। तब घर से निकलते समय यह सोचते है कि काश आज के दिन भी छुट्टी होता। कार्यालय पहुँचने के बाद उन्हें लगता है कि कितना जल्दी झंडातोलन हो और हम घर चले। और यह सब कार्यक्रम उन्हें बोझ सा लगता है। कई जगहों पर तो ऐसा भी देखा गया है कि शाम को झंडा को उतरा भी नही जाता है कल होके जब कार्यालय खुलता है उस समय झंडे को उतारा जाता है। अब आपको लग रहा होगा कि हम यह सब क्यो बता रहे है। वो इसलिए ताकि आप इस खंडहरनुमा भवन के बारे में अच्छी तरह से समझ सकें।

यह खंडहरनुमा भवन बख्तियारपुर प्रखंड के डोमा पंचायत का पंचायत भवन है। यह पंचायत भवन 90 दशक के पहले का बना हुआ है। उसके बाद इसमें मरम्मत के नाम पर एक ईंट तक नही लगाया गया है। वही सरकार के तरफ से कई सारे पंचायत भवन में वाई फाई जैसी सुविधाएं लगाए जाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन यह पंचायत भवन भरस्टाचार सिस्टम और भ्रष्ट अधिकारियों की भेंट चढ़ चुका है। लेकिन कानून के अनुसार झंडातोलन पंचायत भवन के सामने किया जाता है। इसलिए मुखिया जी को साल में दो बार मजबूरी में यहाँ आकर झंडा तोलन करने का कष्ट करना पड़ता है। इसमें अंधविश्वास जैसा कोई चीज नही है।

यहाँ विडियो में देखिये खंडहरनुमा भवन की हालत


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