The w3-animate-fading class animates an element in and out (takes about 5 seconds).

Breaking

रविवार, 28 जुलाई 2019

सावन के पावन महीना में भोलेनाथ का चमत्कार जब इस गाँव के लोगों ने भगवान शंकर की सवारी पत्थर से बनी नन्दी को पिलाया दूध...


सावन के पावन महीना में भोलेनाथ का चमत्कार जब इस गाँव के लोगों ने भगवान शंकर की सवारी पत्थर से बनी नन्दी को पिलाया दूध...


हर बार की तरह इस बार भी गाँव मे ही बने देवी स्थान मंदिर में शनिवार की शाम कुछ महिलाएं भजन कीर्तन करने गई। भजन कीर्तन समाप्त होने के बाद वो पूजा पाठ करने लगी। पूजा करने के दौरान एक महिला ने भगवान शंकर की सवारी नन्दी को जलाभिषेक कर जल अर्पण किया। नन्दी के मुख से जल स्पर्श होते ही धीरे धीरे गायब होने लगा। यह बात उसने अपने साथी महिला को बताई, जब उसने भी ऐसा किया तो जल गायब होने लगा। यह बात पूरे गाँव मे फैल गई।

गाँव के लोग इस चमत्कार को देखने के लिए आने लगे। मंदिर में लोगों की भीड़ लग गई। अंधेरा हो चुका था जल गिर रहा है या गायब हो रहा है कुछ लोगों को समझ मे नही आ रहा था। क्योकि जल रंगहीन होता है। इसलिए उन्होंने दूध मंगवाया और पिलाकर देखा तो दूध भी गायब होने लगा। अब तो यह बात पूरी तरह से फैल गई कि शंकर भगवान की पत्थर से बनी नन्दी दूध पी रही है। लोग विडियो बनाकर सोसल मीडिया पर शेयर करने लगे।

दरअसल यह पूरा मामला पटना जिला के बख्तियारपुर प्रखंड के डोमा गाँव का है। यहाँ पर कुछ साल इसी मंदिर के प्रांगण में एक पेड़ को काटने पर उससे पानी निकलने लगा था। और लगभग तीन दिनों तक पानी गिरता रहा। लोग इस पानी को चमत्कारी मानकर बर्तन में छानकर घर ले जा रहे थे। यह खबर भी उस समय खूब वायरल हुआ था। लोगों की ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर मे कुछ न कुछ तो दैविक शक्ति जरूर है। उसके बाद लोगों ने उस पेड़ को काटना बंद कर दिया। दूध पीने बाला यह खबर जब मुझे मिला तो हम भी वहाँ पहुँच गए।

वहाँ पहुँचने के बाद मैंने देखा कि मंदिर प्रांगण में लोगों का भीड़ इकट्ठा हो गया था। लोग बारी बारी से नन्दी को दूध पिला रहे थे। दूध पिलाते समय जब पत्थर की नन्दी के मुख में दूध स्पर्श होता था तो दूध सूखने लगता था। हालांकि दूध का कुछ हिस्सा गर्दन के सहारे नीचे भी गिर रहा था। तस्सली के लिए हमने गर्दन और मुख की उस जगह को साफ किया जहाँ से दूध नीचे सरक रहा था। उसके बाद दूध पिलाया गया तो कुछ अजीब मुझे भी लगा दूध को मुख से स्पर्श होते ही ऊपर से होते हुए दूध का कुछ हिस्सा गरदन के सहारे नीचे गिरने लगा। ऐसा लग रहा था जैसे किसी प्रेसर के द्वारा दूध को खिंचा जा रहा है।

यह पूरा मामला आस्था का है इसलिए मैंने इस पर कोई टिपणी नही किया और भक्तों के साथ मैं भी भक्ति में लीन हो गया। सावन के इस पावन महीना में सभी को !!ओम नमः शिवाय!!  !!हर हर महादेव!! !!बोलबम!!
यहाँ विडियो में देखिये किस तरह से नन्दी को दूध पिला रहे है लोग




कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

thanks for visit