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शनिवार, 15 जून 2019

बख्तियारपुर से होकर गुजरने बाली गाड़ियों को सड़क जाम का सामना करना पड़ता है। टेम्पो और ई रिक्सा चालक के मनमानी से जाम का स्थिति बना हुआ रहता है।



बख्तियारपुर से होकर गुजरने बाली गाड़ियों को सड़क जाम का सामना करना पड़ता है। टेम्पो और ई रिक्सा चालक के मनमानी से जाम का स्थिति बना हुआ रहता है।


बढ़ते हुए ई रिक्सा की बिक्री के कारण बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों तक आप जहाँ भी जाएंगे ई रिक्सा नजर आ जायेगा। आए दिन ई रिक्सा में बढ़ोतरी होते जा रहा है। ई रिक्सा छोटे होने की बजह से गली और मोहल्ले में भी घुस जाती है। वही ई रिक्सा को 18 वर्ष के कम उम्र के लड़के भी चला रहे है। ई रिक्सा में धीरे धीरे इतना ज्यादा बढ़ोतरी हो रहा है कि टेम्पो से ज्यादा आपको ई रिक्सा नजर आएगा।

ई रिक्शा के फायदे क्या है?

बढ़ते हुए ई रिक्शा के परिचालन से कई तरह के फायदे है। पहली बात की इससे बायु प्रदूषण नही होता है। क्योंकि यह बैटरी से चलता है। जिसे A/C पवार के द्वारा चार्ज किया जाता है। इसमें बैटरी से चलने बाला मोटर लगा होता है। जो बैटरी के साथ स्विच द्वारा जुड़ा हुआ रहता है। इसका बॉडी लोहे के साथ प्लास्टिक से भी बना हुआ होता है। जिसके कारण चलते वक़्त टेम्पो की तरह इससे "ढनर पटर" की आवाज नही आती है। इससे ध्वनि प्रदूषण भी नही होता है। छोटा होने की बजह से इसमें कम सवारी बैठता है। इसलिए टेम्पो की तुलना में यह सवारी भड़कर जल्दी खुल जाता है। इसपर बैठकर यात्रा करते समय आप सड़क किनारे बने नजारे को भी देख सकते हैं। इसलिए इसे आराम की सवारी माना जाता है। जब कम दूरी की यात्रा करना होता है तब ई रिक्शा लोगों का पहला पसंद होता है।

ई रिक्शा के बिक्री में बढ़ोतरी क्यो है?

टेम्पो की तुलना ई रिक्शा कम लागत में मिल जाता है। टेंपो को चलाने के लिए इंधन का जरूरत पड़ता है। लेकिन ई रिक्शा में इंधन की जरूरत नही है। टेम्पो को चलाने के लिए लाइसेंस जरूरी है लेकिन ई रिक्शा को 18 से कम उम्र के बच्चे भी चला रहे है। ई रिक्शा को भारत सरकार ने खुद बढ़ावा दिया है। कई कार्यक्रम में सरकार ने ई रिक्शा बाटें है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक कार्यक्रम में खुद ई रिक्शा की सवारी की हैं। इसलिए आये दिन ई रिक्शा में बढ़ोतरी देखने को मिल रहा है।

कहाँ जाम रहता है?

बख्तियारपुर स्टेशन रोड बाजार में ठेले और सब्जी बाले सड़क किनारे ही अपनी दुकान लगाकर बैठ जाते है। जिसकी बजह से सड़क का आधा हिस्सा तो ऐसे ही बन्द हो जाता है। और जब टेम्पो , ई रिक्शा या कोई और बाहन स्टेशन रोड में घुस जाता है तो पूरा सड़क ही जाम हो जाता है। शाम के समय ऐसा स्थिति बन जाता है कि पैदल चलने बालों को एक कदम आगे बढ़ने के लिए इंतजार करना पड़ता है। वही स्टेशन रोड में ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है जिसमे आने जाने बाले एम्बुलेंस गाड़ियों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने कई बार फुटपाथ पर अबैध तरीके से बने इन दुकानों को तोड़ा है। अतिक्रमण को हटाया गया है लेकिन कुछ दिन के बाद ही सब अपनी अपनी जगह पर दुकान लगा लेते है।
यहाँ देखिये जब CM नीतीश कुमार बख्तियारपुर में गाड़ी से उतरे बिना ही चल दिये तो क्या हुआ?

जाम की स्थिति बनाने में ई रिक्शा का सब से बड़ा योगदान है। यदि स्टेशन रोड की बात छोड़ दें तो थाना के पास सड़क किनारे ही आपको बड़े संख्या में ई रिक्शा लगे हुए मिल जायेंगे। सवारी जल्दी उठाने के चक्कर मे ई रिक्शा को सड़क किनारे ही लगा दिया जाता है। जिससे आने जाने बाले दूसरी गाड़ियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि कोई बड़ी गाड़ी गुजरने बाला होता है तो जाम लगना निश्चित है। यह सब कुछ थाना के सामने ही होता है। प्रशासन द्वारा कई बार फटकार भी लगाया गया है। लेकिन कुछ दिन सही रहने के बाद फिर वही स्थिति जैसे थे हो जाता है।

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