Breaking

सोमवार, 27 मई 2019

ब्रहमेश्वर मुखिया "राष्टवादी किसान सभा" के अध्यक्ष जिनका 7वाँ शहादत दिवस इस जगह मनाया जाएगा।

ब्रहमेश्वर मुखिया "राष्टवादी किसान सभा" के अध्यक्ष जिनका 7वाँ शहादत दिवस इस जगह मनाया जाएगा।


कौन थे ब्रहमेश्वर मुखिया?

बरमेश्वर मुखिया भोजपुर जिला के खोपिरा गाँव के रहने बाले थे। उस समय इस इलाके में नक्सलवाद का बड़ा बोलबाला था। नक्सलियों द्वारा जिस भी जमीन पर लाल झंडा लगा दिया जाता था। तो उस जमीन पर कोई भी खेती नही कर सकता था। उस जमीन पर खेती करने बाले को मार दिया जाता था। जब भूमिहार समाज के लोगों की जमीन को नक्सलियों द्वारा कब्जा कर लिया गया था तब ब्रहमेश्वर मुखिया ने एक संगठन तैयार किया। और उसका नाम दिया गया रनबीर सेना।

कब हुए गिरफ्तार?

नक्सलियों और रनवीर सेना के बीच लालू जी के शासनकाल में बहुत खून खराबे हुए। जिसमे कई लोग मारे गए। जिसके कारण इस संगठन को राज्य सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया। संगठन के संचालक होने के नाते उन्हें अगस्त 2002 को पटना के एक्सिबिजन रोड से गिरफ्तार कर लिया गया। उनके ऊपर 5 लाख रू का इनाम था। जेल में करीब वो 9 साल तक रहे।


उनकी मौत कैसे हुई?

जेल से निकलने के बाद उन्होंने साफ सुथरी छवि बाली "राष्टवादी किसान सभा" नाम का पार्टी बनाया। जो किसानों के हित के लिए बनाया गया। इधर राजनीतिक गलियारे में लालू जी की सरकार गिर गई और जनता ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बना दिया। नीतीश कुमार ने जनता से वादा किया था कि बिहार को जंगल राज से बाहर निकालेंगे। 1जून 2012 की पहली सुबह जब मुखिया जी 4 बजे घर से टहलने के लिए निकले तो कुछ ही दूर चले होगें की अज्ञात हमलावर द्वारा उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी गयी। हमलावर न 3 गोलियां उनके शरीर मे दागी थी। सुबह सुबह इस खबर ने पूरे बिहार को हिलाकर रख दिया। उनके प्रसंशको ने, समर्थको ने, गुस्साए लोगों ने सड़क को जाम कर दिया, जगह जगह तोर फोर की गई।



कब मनाया जाता है सहादत दिवस?

आज भी भूमिहार समाज के दिलो में बसते है बरमेश्वर मुखिया। "राष्टवादी किसान सभा" के नेता ब्रह्मेश्वर मुखिया जिनका 7वाँ शहादत दिवस 1जून 2019 को बैकटपुर गाँव मे (नीमतर) खुसरूपुर में संध्या 6 बजे मनाया जाएगा। इस सभा के संचालक "भूमिहार अशोक कुमार सिंह" ने कहा कि मुखिया जी के 7वाँ सहादत दिवस के अवसर पर भूमिहार समाज के सभी लोग आमंत्रित है।

विडियो में देखिए CM नीतीश कुमार जब बख्तियारपुर पहुँचे और गाड़ी से उतरे बिना ही चल दिये तो क्या हुआ?

1 टिप्पणी:

thanks for visit